An Overview of Government Efforts for Cooperative Development in India

भारत में सहकारी विकास हेतु सरकारी प्रयासों का अवलोकन (https://doi.org/10.5281/zenodo.21624258)

लेखक

  • Dr. Gajendra Nath ##default.groups.name.author##
  • Dr. Ajay Singh ##default.groups.name.author##

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आर्थिक मॉडल, सहकारी आंदोलन, साम्यता, सामूहिक विकास, स्व-सहायता।

सार

भारतीय परिप्रेक्ष्य में सहकारिता आन्दोलन जीवन के एक सिद्धांत और व्यवसाय की एक प्रणाली दोनों रूपों में विकसित हुआ है। यहाँ इसकी भूमिका सामाजिक-आर्थिक विकास में एक स्वैच्छिक साहचर्य के उस मंच के रूप में ज्यादा रही है जहाँ लोग साम्यता और सबकी भलाई के सिद्धांतों के आधार पर धन के उत्पादन तथा वितरण में पारस्परिक सहयोग के लिए एकत्र होते हैं। इस दृष्टि से भारत में सामाजिक-आर्थिक विकास की धारा में पीछे रह गए, हाशिये के गरीब और वंचित वर्ग के सामान्य जन के उन्नयन में सहकारिता आन्दोलन की एक निश्चित सामाजिक भूमिका रही है, एक निश्चित सामाजिक उद्देश्य रहा है। इस रूप में भारत में सहकारिता आंदोलन का इतिहास एक सामाजिक-आर्थिक आन्दोलन का इतिहास ज्यादा प्रतीत होता है। एक गठन के रूप में सहकारिता भारत सहित विकासशील देशों में व्यापक रूप से प्रचलित है। ग्रामीण विकास के एक साधन के रूप में इसमें काफी संभावनाएं हैं। एक नैतिक मानदंड के रूप में सहयोग की प्राचीन काल से ही दुनिया भर में प्रशंसा की जाती रही है। सामाजिक व्यवहार के एक तरीके के रूप में यह एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाने वाली अनगिनत गतिविधियों में प्रकट होता है। इसलिए प्रस्तुत शोध पत्र में भारत में सहकारी विकास हेतु किए गए सरकारी प्रयासों का अवलोकन किया गया है।

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  • Dr. Gajendra Nath

    Assistant Professor (Economics), Rajarshi Purushottam Das Tandon Government College Talbehat, Lalitpur, Uttar Pradesh

  • Dr. Ajay Singh

     Assistant Professor (English), Goswami Tulsidas Government Post Graduate College, Karwi, Chitrakoot, Uttar Pradesh.

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प्रकाशित

2026-03-31