A Study of the Progress and Performance of Cooperative Societies in India

भारत में सहकारी समितियों के प्रगति और प्रदर्शन का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.21625586)

लेखक

  • Pawan Kumar Singh ##default.groups.name.author##
  • Dr. Mukesh Kumar ##default.groups.name.author##

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समावेशन, सहकारिता, सशक्तिकरण, सामूहिक भागीदारी, सहकारी समिति।

सार

एक सहकारी समिति समान जरूरतों वाले व्यक्तियों का एक स्वैच्छिक संगठन है जो सामान्य आर्थिक हित को प्राप्त करने के लिए एक साथ आते हैं। इसका उद्देश्य आत्म-सहायता और आपसी मदद के सिद्धांत के माध्यम से समाज के गरीब वर्गों के हितों की सेवा करना है। सहकारिता आर्थिक संगठन की एक महत्वपूर्ण पद्धति मानी जाती हैं। इसका मूल सिद्धान्त ’एक सबके लिए तथा सब एक के लिए’ होता है। आर्थिक दृष्टि से कमजोर व्यक्ति सहकारी संगठन बनाकर अपने आर्थित हितों को आगे बढ़ा सकते है। इसमें कोई संदेह नही कि यदि सहकारी संस्थाओं को पर्याप्त कार्यकुशलता से संचालित किया जाए तो किसी भी प्रदेश का आर्थिक विकास अधिक तेजी से हो सकेगा, वहाँ के लोगों की आमदनी बढ़ेगी और उनका जीवन स्तर ऊँचा होगा। सहकारी समितियां भारत में 8.44 लाख से अधिक सहकारी समितियां 30 से ज्यादा क्षेत्रों जैसे कृषि ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन और आवास में सक्रिय हैं। ये ग्रामीण ऋण, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करती हैं। प्राथमिक कृषि ऋण समितियां डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर वित्तीय सेवाओं को सुलभ बना रही हैं। वित्तीय समावेशन में योगदान सहकारी समितियां गरीब किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और हाशिए पर रहने वाले समूहों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ती हैं, जिससे उनकी जीवन स्तर में सुधार होता है। ये ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण और डिजिटल लेनदेन के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाती हैं। राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के तहत बहुउद्देशीय मॉडल और कंप्यूटरीकरण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इससे वित्तीय समावेशन और अधिक प्रभावी बनेगा। यह शोध पत्र देश मे सहकारी समितियों का विकास, चुनौतियों एवं उसके समाधान अध्ययन किया गया है।

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  • Pawan Kumar Singh

    Assistant Professor (Political Science), Savitribai Phule Government Post Graduate College, Chakiya, Chandauli

  • Dr. Mukesh Kumar

    Assistant Professor (Economics), Goswami Tulsidas Government Post-Graduate College Karwi, Chitrakoot, Uttar Pradesh

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प्रकाशित

2026-03-31