रामदरश मिश्र के उपन्यासों में बदलता ग्रामीण जीवन

(https://doi.org/10.5281/zenodo.23005486)

Authors

  • Dr. Ankita Tiwari Author

Keywords:

संक्रमण, आंचलिकता, दस्तावेज, अंतर्संबंध, यथार्थवाद, आत्मालोचन, द्वंद्व।

Abstract

रामदरश मिश्र की पहचान उत्तर भारतीय ग्रामांचल कथाकार के रूप में रही है। मिश्र हिंदी साहित्य के प्रमुख कथाकार, कवि और साहित्यकार हैं। उनके उपन्यासों में भारतीय ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी, संवेदनशील और परिवर्तनशील चित्रण मिलता है। विशेष रूप से गाँव, किसान, मजदूर, निम्न-मध्यवर्ग, स्त्रियाँ, जातिगत संबंध, आर्थिक विषमता, शिक्षा, राजनीति तथा बदलते सामाजिक मूल्यों को उन्होंने अपने कथा-साहित्य का आधार बनाया है। गाँव के साथ उनके औपन्यासिक लेखन में आंचलिकता का प्रभाव भी दिखाई देता है। गँवई जीवन अनुभव उनके कथात्मक लेखन की अनन्य विशेषता रही। उनके उपन्यासों में गाँव का पूरा परिवेश झलकता है। ये उपन्यास आजादी के बाद के भारतीय गाँवों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संक्रमण के ऐसे यथार्थपरक दस्तावेज हैं जिनमें गाँवों की संक्रमणकालीन स्थितियों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही पक्ष समाहित हैं। रामदरश मिश्र उपन्यासों में भारतीय ग्रामीण जीवन की अनेक बनती-बिगड़ती छवियाँ हैं जिनमें भारतीय ग्रामीण जीवन की एक मुकम्मल पहचान उभरती है।

Author Biography

  • Dr. Ankita Tiwari

    Assistant Professor (Hindi), Government Girls Post Graduate College, Banda, Uttar Pradesh

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Published

2026-09-30

How to Cite

रामदरश मिश्र के उपन्यासों में बदलता ग्रामीण जीवन: (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005486). (2026). Bundelkhand Journal of Academic Research, 2(3). https://bjar.in/index.php/bjar/article/view/56