A Study of the Impact of Artificial Intelligence on Society
समाज पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23016875)
Abstract
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जिसे चैथी औद्योगिक क्रांति भी कहते हैं, न केवल हमारे काम करने और दूसरों से अंतक्र्रिया करने के तरीके को बदलेगी, बल्कि यह हमारी खुद की समझ और पहचान के बारे में हमारी जानकारी को भी नया रूप देगी। हालांकि, हम जिस तरह से काम करते हैं और एक-दूसरे के साथ अंतक्र्रिया करते हैं, उस पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी का अवलोकन करें ताकि दुनिया इस नई बुद्धि के विकास से लाभान्वित हो सके। यह इस विचार से जुड़ा है कि कंप्यूटर प्रणालियों से बुद्धिमत्ता दिखाने की अपेक्षा की जाती है। इससे पहले यह केवल मनुष्यों का ही अधिकार क्षेत्र था। कृत्रिम बुद्धिमत्ता बिना किसी इंसानी मदद के समाज के कई क्षेत्रों में खुद फैसले लेने और कठिन समस्याओं को सुलझाने में सक्षम है। इसने मानव बुद्धिमत्ता की खोज के प्रति समाज के दृष्टिकोण को मौलिक रूप से बदल दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समकालीन संस्कृति के कई पहलुओं में आज तेजी से आगे बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग चिकित्सा अनुसंधान और बिना चालक वाली (ड्राइवरलेस) गाड़ियों जैसी क्रांतिकारी तकनीकों के विकास सहित कई अलग-अलग क्षेत्रों में किया जा सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आने से समाज पर सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह के प्रभाव पड़े हैं। इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य समाज पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतियों का अध्ययन एवं परीक्षण करना है।
