An Analytical Study of the Theory of Development

विकास के सिद्धांत का विश्लेषणात्मक अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005666)

लेखक

  • Dr. Alok Gupta ##default.groups.name.author##

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औद्योगीकरण, सामाजिक न्याय, सतत विकास, कल्याण, यथार्थवाद, प्रगति।

सार

प्रस्तुत शोध पत्र विकास की अवधारणा से संबंधित महत्वपूर्ण सिद्धान्तों का विश्लेषणात्मक अध्ययन है, जो कि द्वितीयक सामग्री पर आधारित है। विकास मानव-जीवन की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आदिकाल से वर्तमान आधुनिक युग तक विकास की प्रक्रिया को अपनाने का ही परिणाम है कि मानव सभ्यता आज वर्तमान रूप में परिलक्षित होती है। विकास एक बहुआयामी एवं गतिशील प्रक्रिया है, जिसमें आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, तकनीकी तथा मानवीय कल्याण में सकारात्मक परिवर्तन शामिल होते हैं। प्रारम्भिक विकास सिद्धांतों में मुख्यतः आर्थिक वृद्धि, पूँजी निर्माण और औद्योगीकरण को विकास का आधार माना गया, जबकि आधुनिक दृष्टिकोण में मानव विकास, समानता, स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और सतत विकास को भी समान महत्त्व दिया जाता है। विभिन्न विकास सिद्धांतों का अध्ययन यह समझने में सहायता करता है कि विभिन्न देशों और समाजों में विकास की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है। विकास के विविध आयामो की समझ के लिये विकास के सिद्धान्तों का गहन विश्लेषण आवश्यक है। प्रस्तुत शोध पत्र उक्त विश्लेषण का समाज-वैज्ञानिक प्रयास है।

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  • Dr. Alok Gupta

    Associate Professor (Sociology), Government Raza Post-Graduate College, Rampur, Uttar Pradesh

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प्रकाशित

2026-09-30