A Study of the Performance of Foreign Direct Investment in India's Economic Development
भारत के आर्थिक विकास में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रदर्शन का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.21787693)
Keywords:
आर्थिक विकास, एफडीआई, जीडीपी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी।Abstract
भारत विविधता और प्रगति का एक फलता-फूलता संगम है और 1.4 अरब से अधिक आबादी के साथ, यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जैसे ही हम 2024-25 के गतिशील वर्ष में प्रवेश करते हैं, भारत की सकल धरेलु उत्पाद 4 ट्रिलियन अमेरिकी डालर को पार करने के लिए तैयार है, जिससे वैश्विक स्तर पर पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी। सकल धरेलु उत्पाद मे असाधारण वृद्धि, जिसका इस वर्ष 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, चीन को भी पीछे छोड़ देती है, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों के अनुसार, यह भारत के लिए 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मार्ग प्रशस्त करती है। इस आर्थिक उत्थान को रणनीतिक सुधारों से बल मिल रहा है, जो भारत को निवेश के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक स्थान में बदल रहे हैं। हाल के वर्षो में सरकार के अनेक उदारवादी पहलो में विदेशी निवेश पर लगी पाबंदियों को उदार बनाना, श्रम और दिवालियापन कानूनों का आधुनिकीकरण करना, और राष्ट्रीय वस्तु एवं सेवा कर लागू करना शामिल है, इन प्रयासो और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आशाजनक गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद से भारत में निवेश का माहौल काफी बेहतर हुआ है। वित्त वर्ष 2022 में, भारत ने 83.6 बिलियन अमेरिकी डालर का रिकॉर्ड विदेशी निवेश आकर्षित किया, जो निवेशकों के लिए इसकी आकर्षण क्षमता का एक प्रमाण है। देश अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस‘(व्यापार करने में आसानी) सूचकांक में शीर्ष 100 देशों में गर्व से खड़ा है। पिछले 25 वर्षों में, कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 953.14 बिलियन अमेरिकी डालर तक पहुँच गया है, जिसमें से लगभग 65 प्रशितत हिस्सा पिछले 9 वर्षों मे प्राप्त हुआ। भारत में आर्थिक विकास को बढ़ाने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने अहम भूमिका निभाई है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का मतलब है किसी देश की घरेलू अर्थव्यवस्था में विदेशी संस्थाओं, जैसे कंपनियों या लोगों द्वारा किया गया निवेश। इस शोध पत्र मे यह अध्ययन करने का प्रयास किया गया है। इस अध्ययन से पता चलता है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और आर्थिक विकास के बीच धनात्मक संबंध है।
