An Overview of the Ninth Schedule of the Indian Constitution
भारतीय संविधान की नौवीं अनुसूची का एक अवलोकन (https://doi.org/10.5281/zenodo.21312261)
Keywords:
विधायन, निर्णयन, नौवीं अनुसूची, न्यायिक समीक्षा, संविधान संशोधन।Abstract
भारत जैसे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के बीच संबंध हमेशा से ही विवादास्पद रहे हैं। भारतीय संविधान के 75 वर्षों के कार्यकाल में एक तरफ न्यायपालिका और कार्यपालिका, वहीं दूसरी ओर विधायिका के बीच सर्वोच्चता का संघर्ष कई बार देखने को मिला है। इस संघर्ष का एक कारण हमेशा से नौवीं अनुसूची रही है। नौवीं अनुसूची में वर्तमान में 284 विषय हैं। इसे 1951 के पहले संविधान संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया था और इसका मुख्य उद्देश्य कुछ कानूनों को अदालती समीक्षा से बचाना था। नौवीं अनुसूची में शामिल विषयों में मुख्यतः भूमि सुधार, जमींदारी उन्मूलन और सामाजिक-आर्थिक नीतियां शामिल हैं। इन कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाने के लिए नौवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। नौवीं अनुसूची में शामिल कानूनों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है, हालांकि, कुछ मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने नौवीं अनुसूची में शामिल कानूनों की न्यायिक समीक्षा की है। जबकि नौवीं अनुसूची में शामिल कानूनों को अदालती समीक्षा से बचाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार बिना किसी कानूनी बाधा के सामाजिक और आर्थिक सुधारों को लागू कर सके। प्रस्तुत शोध पत्र में नौवीं अनुसूची की निष्पक्ष समझ के लिए इसके गहन अवलोकन का प्रयास किया गया है।